Friday, 11 August 2017

अब बदलेगा मुगल राजपुत इतिहास

अब बदलेगा मुगल राजपुत इतिहास


राजस्थान में इतिहास 360 डिग्री पर घूमता सा नज़र आ रहा है। हल्दीघाटी की लड़ाई को लेकर राजस्थान बोर्ड के स्कूल की किताबों में नये तथ्य सामने आये। महाराणा प्रताप को इतिहास में वो जगह नहीं मिली जो उन्हें मिलनी चाहिए थी, लेकिन अब राजस्थान सरकार ने महाराणा प्रताप का इतिहास में वो जगह दिला ही दी। चलिए आज आपको महाराणा प्रताप के इतिहास पर हो रहे विवाद के बारे में बताते है।   

अब इतिहास में पढ़ाया जाएगा           
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वी की सामाजिक विज्ञान की नई किताब को 2017-18 में छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। अब नई किताब जानकारी देगीं कि महाराणा प्रताप ने अकबर को 1576 में हल्दीघाटी की लड़ाई में हराया था अब तक इतिहास की किताबों में पढाया जाता रहा है कि उदयपुर के पास हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच युद्ध हुआ था, जिसमें अकबर ने जीत हासिल की थी।                                         

चन्द्रशेखर शर्मा के शोध के आधार पर परिवर्तन

फरवरी 2017 के करीब राजस्थान विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर और इतिहासकार डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने एक शोध प्रस्तुत किया था जिसके मुताबिक 18 जून 1576 ई. को हल्दीघाटी युद्ध मेवाड़ तथा मुगलों के बीच हुआ था। युद्ध के परिणाम के बारे में तरह-तरह की बाते की जाती हैं लेकिन असल में इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने जीत हासिल की थी। डॉ. शर्मा ने विजय को दर्शाते प्रमाण राजस्थान विश्वविद्यालय में जमा कराए दे थे। फरवरी 2017 में वसुंधरा राजे सरकार के तीन मंत्रियों ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिसके तहत इतिहास के तथ्य बदलने की बात की गई थी।

माहाराणा प्रताप के विजयी होने के प्रमाण                                   
चंद्रशेखर शर्मा का दावा है कि ऐसे कई तथ्य हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि लड़ाई के नतीजे महाराणा प्रताप, मेवाड़ के राजपूत राजा के पक्ष में रहे। अकबर का उद्देश्य महाराणा प्रताप को जिंदा पकड़ना था और दूसरे वो मेवाड़ को मुगल साम्राज्य में मिलाना चाहता था और दोनों ही उद्देश्यों में वो विफल रहा। इससे साबित होता है कि अकबर की विजय नहीं होती है। अकबर की मानसिंह और आसिफ खां के प्रति नाराजगी थी जिसमें उनकी ड्योढ़ी बंद कर दी गई थी। मुगलों का मेवाड़ की सेना का पीछा न करना। ये ऐसे परिदृष्य हैं जो हल्दीघाटी का परिणाम प्रताप के पक्ष में लाकर खड़ा कर देते हैं।

राजस्थान विश्वविधालय के इतिहास विभाग ने भी किया बदलाव

सिर्फ स्कूल ही नहीं बल्कि राजस्थान यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग ने भी कुछ बदलाव किए हैं। विभाग ने इतिहास के दो सेक्शनों के नाम में बदलाव किए हैं। विभाग ने प्राचीन इतिहास” (600 BC- 1200AD) का नाम बदलकर गोल्डन एरा ऑफ इंडियानाम दिया है और मध्यकालीन इतिहास” (1200 AD- 1700AD) का नाम को बदलकर स्ट्रग्लिंग इंडियाका नाम दिया है।                                                              

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